ICSE-CLASS-X-BOARD SERIES Hindi-general
ल ख ल खन
6 previous year questions.
Volume: 6 Ques
Yield: Medium
High-Yield Trend
6
2026 Chapter Questions 6 MCQs
01
PYQ 2026
medium
hindi-general ID: icse-cla
अच्छी संगति हमारे जीवन में अनेक बदलाव ला सकती है। हम अक्सर अपने मित्रों की बातों से प्रभावित होकर उनका अनुकरण (follow) करने लगते हैं। अच्छी संगति के लाभ बताते हुए एक सारपूर्ण लेख लिखिए।
Official Solution
Correct Option: (1)
शीर्षक: अच्छी संगति के लाभ "संगति का प्रभाव" यह कहावत हम सभी ने सुनी है। व्यक्ति जैसी संगति में रहता है, वैसा ही बन जाता है। संगति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अच्छी संगति हमें अच्छा इंसान बनाती है, जबकि बुरी संगति हमें बर्बाद कर सकती है। इसलिए हमें सदैव अच्छी संगति का चयन करना चाहिए। अच्छी संगति के अनेक लाभ हैं। पहला, अच्छी संगति से हमें सही मार्गदर्शन मिलता है। हमारे मित्र हमें गलत रास्ते पर जाने से रोकते हैं और सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। दूसरा, अच्छी संगति में रहने वाले व्यक्ति की आदतें अच्छी होती हैं। वे समय का पालन करते हैं, मेहनती होते हैं और ईमानदारी से अपने कार्य करते हैं। इन अच्छी आदतों का प्रभाव हम पर भी पड़ता है। तीसरा, अच्छी संगति हमें शिक्षा और ज्ञान के प्रति प्रेरित करती है। अच्छे मित्र मिलकर पढ़ाई करते हैं, एक-दूसरे की मदद करते हैं और नई चीजें सीखते हैं। चौथा, अच्छी संगति से हमारा व्यक्तित्व विकसित होता है। हम अच्छे संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाते हैं। पाँचवाँ, अच्छी संगति में हमें सच्चे मित्र मिलते हैं जो मुसीबत के समय हमारे साथ खड़े रहते हैं। इतिहास गवाह है कि महापुरुषों की संगति ने अनेक लोगों का जीवन बदल दिया। स्वामी विवेकानंद पर रामकृष्ण परमहंस की संगति का गहरा प्रभाव पड़ा। श्रीरामचंद्र जी ने कहा था - "एक क्षण की संगति भी मनुष्य को अच्छा या बुरा बना सकती है।" इसके विपरीत, बुरी संगति के दुष्परिणाम भयानक होते हैं। बुरी संगति में व्यक्ति नशा, अपराध, आलस्य और अनैतिक कार्यों की ओर प्रवृत्त हो जाता है। अतः हमें सदैव सजग रहना चाहिए और ऐसे मित्रों का चयन करना चाहिए जो हमें आगे बढ़ाएँ, न कि पीछे खींचें। अंत में, मैं यही कहूँगा कि अच्छी संगति जीवन का अनमोल उपहार है। यह हमें सफलता के मार्ग पर ले जाती है और एक सार्थक जीवन जीने में सहायक होती है। इसलिए "कहाँ गए वह लोग, जिनकी संगति में रात कट जाती थी" जैसी संगति की तलाश हमें हमेशा करनी चाहिए।
02
PYQ 2026
medium
hindi-general ID: icse-cla
नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर कोई लेख, घटना अथवा कहानी लिखिए जिसका सीधा व स्पष्ट संबंध चित्र से होना चाहिए। 
Official Solution
Correct Option: (1)
शीर्षक: पेड़ के नीचे बैठा लड़का गर्मी की दोपहर थी। सूरज की तपिश से धरती बेहाल थी। गाँव के बाहर एक घने पेड़ के नीचे दस वर्षीय राजू अकेला बैठा था। उसकी आँखों में उदासी थी और हाथ में एक पुरानी किताब। पास ही उसका छोटा सा बस्ता रखा था जिसमें कुछ किताबें और एक खाली टिफिन बॉक्स था। राजू के पिता एक मजदूर थे और माँ घरों में काम करती थीं। गर्मी की छुट्टियों में राजू भी काम की तलाश में शहर चला गया था। उसे एक ढाबे पर काम मिल गया। सुबह से रात तक बर्तन धोना, सफाई करना और कभी-कभी खाना परोसना। बदले में उसे खाना मिलता था और कुछ रुपये। वह अपने माता-पिता की मदद करना चाहता था। आज वह ढाबे से भाग आया था। ढाबे के मालिक ने उसे बिना वजह डांट दिया था। राजू का मन बहुत दुखी था। वह इसी पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगा। उसे अपने स्कूल के दिन याद आ रहे थे - दोस्तों के साथ खेलना, शिक्षक का प्यार, और वह छोटी सी कक्षा जहाँ वह पढ़ता था। तभी वहाँ से गुजरते हुए एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उसे देखा। उनका नाम शर्मा जी था और वह सेवानिवृत्त शिक्षक थे। उन्होंने राजू के पास आकर पूछा, "बेटा, तुम यहाँ अकेले क्यों बैठे हो? स्कूल क्यों नहीं जाते?" राजू ने रुआँसे स्वर में अपनी सारी कहानी बता दी। शर्मा जी की आँखें नम हो गईं। उन्होंने राजू से कहा, "बेटा, पढ़ाई ही वह रास्ता है जो तुम्हें इस गरीबी से निकाल सकता है। मैं तुम्हें पढ़ाऊँगा। कल से तुम मेरे पास आना।" राजू को यकीन नहीं हुआ। किसी अनजान व्यक्ति पर विश्वास करना कठिन था। लेकिन शर्मा जी की आँखों में सच्ची ममता थी। अगले दिन राजू शर्मा जी के घर गया। शर्मा जी ने उसे किताबें दीं और पढ़ाना शुरू किया। राजू बहुत होशियार था। उसने जल्द ही सब कुछ सीख लिया। शर्मा जी ने राजू के माता-पिता से भी बात की और उन्हें समझाया कि बच्चे को स्कूल भेजना जरूरी है। उन्होंने राजू की फीस का भी प्रबंध किया। राजू फिर से स्कूल जाने लगा। वह दिन-रात मेहनत करता। कुछ वर्षों बाद राजू ने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आज राजू एक बड़ा अधिकारी है। वह उस पेड़ के पास हर साल जाता है जहाँ उसकी जिंदगी बदल गई थी। वहाँ बैठकर उसे वह दिन याद आते हैं जब वह एक गरीब लड़का था, और कैसे एक दयालु व्यक्ति ने उसकी मदद की। राजू अब कई गरीब बच्चों को पढ़ाता है और उनके सपनों को पंख देता है। सीख: कभी-कभी जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत में ही कोई मदद का हाथ मिल जाता है। हमें उस हाथ को थामना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है जो गरीबी और अंधकार को दूर कर सकता है।
03
PYQ 2026
medium
hindi-general ID: icse-cla
‘मैंने यह निर्णय लिया कि भविष्य में ऐसी गलती दुबारा नहीं होगी’ इस वाक्य से अंत करते हुए अपने जीवन की कोई यादगार घटना या मौलिक कहानी लिखिए।
Official Solution
Correct Option: (1)
शीर्षक: जीवन का सबक बात उस समय की है जब मैं दसवीं कक्षा में पढ़ता था। परीक्षाएँ निकट थीं और सभी छात्र कठिन परिश्रम में लगे हुए थे। मैं भी पढ़ाई कर रहा था, लेकिन मेरा मन पढ़ाई में कम और दोस्तों के साथ घूमने में अधिक लगता था। मेरे कुछ मित्र थे जो पढ़ाई में अच्छे नहीं थे, लेकिन समय बिताने में माहिर थे। उनकी संगति में मैं भी धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर होता गया। परीक्षा का समय नजदीक आ रहा था, लेकिन मैंने अभी तक पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया था। फिर भी मुझे विश्वास था कि मैं किसी तरह परीक्षा पास कर लूँगा। मैंने रटंत विद्या का सहारा लिया और बिना समझे ही कुछ विषय याद कर लिए। परीक्षा का दिन आया। हिंदी का प्रश्नपत्र देखते ही मेरे होश उड़ गए। अधिकांश प्रश्न ऐसे थे जिन्हें मैंने ठीक से नहीं पढ़ा था। मैंने उत्तर लिखने की कोशिश की, लेकिन उत्तर अधूरे और गलत थे। परिणाम आने पर मुझे हिंदी में बहुत कम अंक मिले और समग्र परिणाम भी संतोषजनक नहीं रहा। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आघात था। घरवालों ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी चुप्पी मुझे और अधिक व्यथित कर रही थी। मैं अपने कमरे में बैठकर सोच रहा था कि मैंने कितनी बड़ी गलती की। समय रहते अगर मैंने पढ़ाई पर ध्यान दिया होता, तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। उस दिन मैंने आत्मचिंतन किया। मुझे एहसास हुआ कि असफलता का मुख्य कारण मेरी लापरवाही और गलत संगति थी। मैंने उन मित्रों से दूरी बनानी शुरू की और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। अगली परीक्षा में मैंने नियमित पढ़ाई की, समय सारणी बनाकर चला और हर विषय को गहराई से समझा। इस बार परिणाम ने मुझे निराश नहीं किया। मैंने अच्छे अंक प्राप्त किए और सभी को गौरवान्वित किया। इस अनुभव ने मुझे एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया - समय का सदुपयोग करना और सही संगति का चयन करना। आज जब भी मैं उस दिन को याद करता हूँ, तो मन में एक ही बात आती है: "मैंने यह निर्णय लिया कि भविष्य में ऐसी गलती दुबारा नहीं होगी।"
04
PYQ 2026
medium
hindi-general ID: icse-cla
अच्छी संगति हमारे जीवन में अनेक बदलाव ला सकती है। हम अक्सर अपने मित्रों की बातों से प्रभावित होकर उनका अनुकरण (follow) करने लगते हैं। अच्छी संगति के लाभ बताते हुए एक सारपूर्ण लेख लिखिए।
Official Solution
Correct Option: (1)
शीर्षक: अच्छी संगति के लाभ "संगति का प्रभाव" यह कहावत हम सभी ने सुनी है। व्यक्ति जैसी संगति में रहता है, वैसा ही बन जाता है। संगति का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अच्छी संगति हमें अच्छा इंसान बनाती है, जबकि बुरी संगति हमें बर्बाद कर सकती है। इसलिए हमें सदैव अच्छी संगति का चयन करना चाहिए। अच्छी संगति के अनेक लाभ हैं। पहला, अच्छी संगति से हमें सही मार्गदर्शन मिलता है। हमारे मित्र हमें गलत रास्ते पर जाने से रोकते हैं और सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। दूसरा, अच्छी संगति में रहने वाले व्यक्ति की आदतें अच्छी होती हैं। वे समय का पालन करते हैं, मेहनती होते हैं और ईमानदारी से अपने कार्य करते हैं। इन अच्छी आदतों का प्रभाव हम पर भी पड़ता है। तीसरा, अच्छी संगति हमें शिक्षा और ज्ञान के प्रति प्रेरित करती है। अच्छे मित्र मिलकर पढ़ाई करते हैं, एक-दूसरे की मदद करते हैं और नई चीजें सीखते हैं। चौथा, अच्छी संगति से हमारा व्यक्तित्व विकसित होता है। हम अच्छे संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाते हैं। पाँचवाँ, अच्छी संगति में हमें सच्चे मित्र मिलते हैं जो मुसीबत के समय हमारे साथ खड़े रहते हैं। इतिहास गवाह है कि महापुरुषों की संगति ने अनेक लोगों का जीवन बदल दिया। स्वामी विवेकानंद पर रामकृष्ण परमहंस की संगति का गहरा प्रभाव पड़ा। श्रीरामचंद्र जी ने कहा था - "एक क्षण की संगति भी मनुष्य को अच्छा या बुरा बना सकती है।" इसके विपरीत, बुरी संगति के दुष्परिणाम भयानक होते हैं। बुरी संगति में व्यक्ति नशा, अपराध, आलस्य और अनैतिक कार्यों की ओर प्रवृत्त हो जाता है। अतः हमें सदैव सजग रहना चाहिए और ऐसे मित्रों का चयन करना चाहिए जो हमें आगे बढ़ाएँ, न कि पीछे खींचें। अंत में, मैं यही कहूँगा कि अच्छी संगति जीवन का अनमोल उपहार है। यह हमें सफलता के मार्ग पर ले जाती है और एक सार्थक जीवन जीने में सहायक होती है। इसलिए "कहाँ गए वह लोग, जिनकी संगति में रात कट जाती थी" जैसी संगति की तलाश हमें हमेशा करनी चाहिए।
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PYQ 2026
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hindi-general ID: icse-cla
पुस्तकालय (Library) का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। आप अपने विद्यालय के पुस्तकालय में जाकर किस प्रकार की पुस्तकों को पढ़ना पसंद करते हैं। अपनी प्रिय पुस्तक का वर्णन करते हुए लेख लिखिए।
Official Solution
Correct Option: (1)
शीर्षक: पुस्तकालय का महत्व और मेरी प्रिय पुस्तक पुस्तकालय ज्ञान का भंडार होता है। यह वह स्थान है जहाँ हमें विभिन्न विषयों की पुस्तकें, पत्रिकाएँ, समाचार-पत्र आदि पढ़ने को मिलते हैं। पुस्तकालय हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे ज्ञान में वृद्धि करता है, हमारी सोच को विस्तार देता है और हमें एक बेहतर इंसान बनाता है। मैं अपने विद्यालय के पुस्तकालय में नियमित रूप से जाता हूँ। वहाँ का शांत वातावरण पढ़ने के लिए बहुत अनुकूल होता है। पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध हैं - विज्ञान, इतिहास, भूगोल, साहित्य, जीवनी, कहानियाँ, कविताएँ आदि। मुझे सबसे अधिक प्रेरणादायक पुस्तकें और जीवनियाँ पढ़ना पसंद है। महापुरुषों के जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मेरी प्रिय पुस्तक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आत्मकथा "विंग्स ऑफ फायर" है। इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद "अग्नि पंख" भी उपलब्ध है। यह पुस्तक डॉ. कलाम के जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी है। उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उनकी लगन, मेहनत और ईमानदारी ने उन्हें भारत के राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक बना दिया। इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने अपने बचपन, शिक्षा, वैज्ञानिक यात्रा, अग्नि मिसाइल के विकास और देश के प्रति उनके समर्पण का सुंदर वर्णन किया है। उनके जीवन की घटनाएँ हमें सिखाती हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं माननी चाहिए। उनके विचार - "सपना वह नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपना वह है जो हमें सोने नहीं देता" - मुझे सदैव प्रेरित करते हैं। पुस्तकालय से मुझे यह अनमोल पुस्तक पढ़ने का अवसर मिला। इसने मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। मैं अन्य छात्रों को भी पुस्तकालय जाकर अच्छी पुस्तकें पढ़ने की सलाह दूंगा। पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं और पुस्तकालय उन मित्रों से मिलने का सबसे अच्छा स्थान।
06
PYQ 2026
medium
hindi-general ID: icse-cla
"स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित भोजन, व्यायाम तथा खेलकूद बहुत आवश्यक होता है" इस विषय को आधार बनाते हुए एक लेख लिखिए।
Official Solution
Correct Option: (1)
शीर्षक: स्वस्थ जीवन का राज: संतुलित भोजन, व्यायाम और खेलकूद मनुष्य का स्वस्थ रहना जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं, जिसके दुष्परिणाम उन्हें बीमारियों के रूप में भुगतने पड़ते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और खेलकूद का विशेष महत्व है। संतुलित भोजन का अर्थ है ऐसा भोजन जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण और जल उचित मात्रा में शामिल हों। हमारे भोजन में अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल, दूध, दही आदि का समावेश होना चाहिए। जंक फूड और तले-भुने खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। संतुलित भोजन से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे सरल उपाय है। प्रतिदिन सुबह टहलना, योगासन, प्राणायाम आदि करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। व्यायाम से रक्त संचार सही रहता है, मोटापा नियंत्रित रहता है और मानसिक तनाव कम होता है। नियमित व्यायाम करने वाला व्यक्ति अनेक बीमारियों से दूर रहता है। खेलकूद भी स्वास्थ्य के लिए उतने ही आवश्यक हैं। खेलने से शरीर का विकास होता है, हड्डियां मजबूत होती हैं और मांसपेशियों का विकास होता है। खेलों से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी आदि खेल शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास में भी सहायक होते हैं। आज की युवा पीढ़ी मोबाइल और कंप्यूटर में इतनी व्यस्त हो गई है कि वे खेलकूद और व्यायाम को समय नहीं दे पा रहे हैं। इसका परिणाम मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है। हमें अपनी दिनचर्या में व्यायाम और खेलकूद को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। इस प्रकार, स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और खेलकूद तीनों का संतुलन आवश्यक है। यदि हम इन तीनों पर ध्यान देंगे तो एक स्वस्थ और सुखी जीवन जी सकते हैं। याद रखिए, "पहला सुख निरोगी काया"।