पर च छ द पर आध र त प रश न
3 previous year questions.
High-Yield Trend
Chapter Questions 3 MCQs
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:


(१) वाक्य पूर्ण कीजिए:
• (१) मंचीय आयोजन में मंच पर आने वाला पहला व्यक्ति .
• (२) मेरे कार्यक्रम का आरंभ .
• (३) मैं इस बात का ध्यान रखता हूँ कि कार्यक्रम कोई भी हो .
• (४) एंकर (उद्घोषक) का व्यक्तित्व दर्शकों की .
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में आए हुए प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए:
• (१) व्यक्ति :
• (२) सहज :
• (३) सतर्क :
• (४) गरिमा :
(३) 'व्यक्तित्व विकास में भाषा का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गद्यांश:
अच्छे मंच संचालक के लिए आवश्यक है - अच्छी तैयारी। वर्तमान समय में संगीत संध्या, बर्थ डे पार्टी या अन्य संध्या कार्यक्रमों के लिए मंच संचालन आवश्यक हो गया है। मैंने भी इस तरह के अनेक कार्यक्रमों में सूत्र संचालन किया है। जिस तरह का कार्यक्रम हो, तैयारी भी उसी के अनुसार करनी होती है। मैं भी प्रायः यह देखता हूँ कि कार्यक्रम का स्वरूप क्या है — सामाजिक, शैक्षणिक, राजनैतिक, कवि सम्मेलन, मुषायरा या सांस्कृतिक कार्यक्रम! फिर उसी रूप में मैं कार्यक्रम का संहिता लेखन करता हूँ। इसके लिए कड़ी साधना व सतत प्रयास आवश्यक है। कार्यक्रम की सफलता सूत्र संचालन के हाथ में होती है। वह दो व्यक्तियों, दो घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ने का काम करता है। इसलिए संचालक को चाहिए कि वह संचालन के लिए आवश्यक तत्वों का अध्ययन करे। सूत्र संचालक के लिए कुछ महत्वपूर्ण गुणों का होना आवश्यक है। हँसमुख, हार्दिकभावी, विविध विषयों का ज्ञाता होने के साथ-साथ उसका भाषा पर प्रभुत्व होना आवश्यक है। कभी-कभी किसी कार्यक्रम में ऐन वक्त पर परिवर्तन होने की संभावना रहती है। यहाँ सूत्र संचालन के भाषा प्रभुत्व की परीक्षा होती है। पूर्व निर्धारित अतिथियों का न आना, यदि आ भी जाएँ तो उनकी दिनचर्या के कार्य व्यवस्था का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम में संशोधन/सुधार करना पड़ता है। आयोजकों की ओर से अचानक मिली सूचना के अनुसार संहिता में परिवर्तन कर संचालन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाना ही सूत्र संचालन की विशेषता होती है।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:

(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित विधान 'सत्य' हैं या 'असत्य' लिखिए:
(१) कार्यक्रम की सफलता वक्ता के हाथ में होती है।
(२) सूत्र संचालक दो व्यक्तियों, दो घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ने का काम करता है।
(३) कार्यक्रम में ऐन वक्त पर परिवर्तन होने की संभावना कभी नहीं रहती।
(४) कार्यक्रम को सफल बनाना सूत्र संचालक की विशेषता होती है।
(३) 'सूत्र संचालन रोजगार का उत्तम साधन है', इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
About पर च छ द पर आध र त प रश न - MAHARASHTRA-CLASS-XII
पर च छ द पर आध र त प रश न is a vital chapter for MAHARASHTRA-CLASS-XII aspirants. Mastering the concepts covered in this chapter is essential for securing a top rank.
By rigorously practicing the previous year questions associated with this chapter, you can identify high-yield topics, understand the examiner's perspective, and boost your confidence during the actual exam.
Frequently Asked Questions
Why focus on पर च छ द पर आध र त प रश न PYQs?
Analyzing PYQs for this specific chapter reveals the most frequently tested concepts and the typical complexity of questions, allowing you to tailor your study plan efficiently.
How to best use this analysis?
Review the topic breakdown to see which sub-topics within पर च छ द पर आध र त प रश न carry the most weight. Then, tackle the questions iteratively to solidify your understanding.