UP-BOARD-XII SERIES
ह-द

क व य व श ल षण

12 previous year questions.

Volume: 12 Ques
Yield: Medium

High-Yield Trend

12
2024

Chapter Questions
12 MCQs

01
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

'मैं नीर भरी दुःख की बदली' काव्य पंक्ति के रचनाकार हैं।

1
मीराबाई
2
महादेवी वर्मा
3
महाश्वेता देवी
4
सुभद्रा कुमारी चौहान
02
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

'खड़ी बोली' का प्रथम महाकाव्य है।

1
'कामायनी'
2
'प्रियप्रवास'
3
'राम की शक्तिपूजा'
4
'साकेत'
03
PYQ 2024
easy
ह-द ID: up-board

शान्त, स्निग्ध ज्योत्सना उज्वल । अपलक अनंत नीरव भू-तल !
सैकत- शय्या पर दुग्ध-धवल तन्वंगी गंगा, ग्रीष्म विरल,
लेटी हैं श्रांत, क्लांत, निश्चल ।
तापस- बाला-सी गंगा कल निर्मल, शशि-मुख से दीपित मृदु-करतल,
लहरें उर पर कोमल कुंतल ।
गोरे अंगों पर सिहर सिहर, लहराता तार-तरल सुन्दर
चंचल अंचल सा नीलाम्बर ।
साड़ी की सिकुड़न-सी जिस पर, शशि की रेशमी - विभा से भर सिमटी हैं वर्तुल मृदुल लहर ।
चाँदनी रात का प्रथम प्रहर, हम चले नाव लेकर सत्वर ।

04
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

'चाँद का मुँह टेढ़ा है' रचना की विधा है।

1
उपन्यास
2
निबन्ध
3
कहानी
4
काव्य
05
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

हिन्दी का प्रथम महाकाव्य माना जाता है:

1
'रामचरितमानस'
2
'रामचन्द्रिका'
3
'पद्मावत'
4
'पृथ्वीराज रासो'
06
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रन्थ रीतिकालीन काव्य-परंपरा से सम्बन्धित है?

1
बिहारी 'सतसई'
2
'अखरावट'
3
'कामायनी'
4
'उर्वशी'
07
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

'सामधेनी' काव्य के रचयिता हैं:

1
रामधारी सिंह 'दिनकर'
2
जयशंकर प्रसाद
3
नरेन्द्र शर्मा
4
भवानी प्रसाद मिश्र
08
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

'कठिन काव्य के प्रेत' कहे जाते हैं:

1
भूषण
2
घनानन्द
3
केशवदास
4
जायसी
09
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

'तीसरा सप्तक' का प्रकाशन वर्ष है:

1
1949 ई०
2
1952 ई०
3
1969 ई०
4
1959 ई०
10
PYQ 2024
easy
ह-द ID: up-board

सावधान, मनुष्य ! यदि विज्ञान है तलवार, तो इसे दे फेंक, तज कर मोह, स्मृति के पार ।
हो चुका है सिद्ध, है तू शिशु अभी नादान;
फूल - काँटों की तुझे कुछ भी नहीं पहचान ।
खेल सकता तू नहीं ले हाथ में तलवार;
काट लेगा अंग, तीखी है बड़ी यह धार ।

11
PYQ 2024
easy
ह-द ID: up-board

निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
कृपानिधान सुजान संभु हिय की गति जानी ।
दियौ सीस पर ठाम बाम करि कै मनमानी ।
सकुचति ऐचति अंग गंग सुख संग लजानी ।
जटाजूट हिम कूट सघन बन सिमिरि समानी ।

12
PYQ 2024
medium
ह-द ID: up-board

भाषासु मुख्या मधुरा दिव्या गीर्वाण भारती | तस्या हिं मधुरं काव्यं तस्मादपि सुभाषितानि ।।