UP-BOARD-XII SERIES
ह-द

गद य श पर आध र त प रश न

3 previous year questions.

Volume: 3 Ques
Yield: Medium

High-Yield Trend

3
2024

Chapter Questions
3 MCQs

01
PYQ 2024
easy
ह-द ID: up-board

मातृभूमि पर निवास करने वाले मनुष्य राष्ट्र का दूसरा अंग हैं। पृथ्वी हो और मनुष्य न हो, तो राष्ट्र की कल्पना असंभव है। पृथ्वी और जन दोनों के समन्वय से ही राष्ट्र का स्वरूप सजीव होता है। इन के कारण ही पृथ्वी मातृभूमि की संज्ञा प्राप्त करती है। पृथ्वी माता है और उस उच्च अर्थ में पृथ्वी का पुत्र है— (पिता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्याः।)—भूमि माता है, मैं उसका पुत्र हूँ।—जन के हृदय में इस सत्य का अनुभव ही राष्ट्रभावना की कुंजी है। इसी भावना से राष्ट्रभावना के अंकुर उत्पन्न होते हैं।

02
PYQ 2024
easy
ह-द ID: up-board

राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है । मनुष्य ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है । बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंधमात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है । संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि संभव है । राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थान है ।

03
PYQ 2024
easy
ह-द ID: up-board

भारतीय संस्कृति के प्रति निष्ठा लेकर चलने वाले भी कुछ राजनीतिक दल हैं । किन्तु वे भारतीय संस्कृति की समानता को उसकी गतिहीनता समझ बैठे हैं और इसलिए बीते युग की रूढ़ियों अथवा यथास्थिति का समर्थन करते हैं । संस्कृति के क्रांतिकारी तत्त्व की ओर उसकी दृष्टि नहीं जाती । वास्तव में समाज में प्रचलित अनेक कुरीतियाँ जैसे – छुआछूत, जाति-भेद, दहेज, मृत्युभोज, नारी-अवमानना आदि भारतीय संस्कृति और समाज के स्वास्थ्य के सूचक नहीं बल्कि रोग के लक्षण हैं । भारत के अनेक महापुरुष, जिनकी भारतीय परम्परा और संस्कृति के प्रति अनन्य निष्ठा थी, इन बुराइयों के विरुद्ध लड़े हैं ।