UP-BOARD-XII SERIES
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119
2024

Chapter Questions
119 MCQs

01
PYQ 2024
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'हम राही नहीं, राहों के अन्वेषी हैं' किसने कहा था?

1
धर्मवीर भारती ने
2
'अज्ञेय' ने
3
नामवर सिंह ने
4
'निराला' ने
02
PYQ 2024
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छायावाद की समय सीमा है।

1
1918-1936 ई० तक
2
1915-1930 ई० तक
3
1921-1940 ई० तक
4
1900-1936 ई० तक
03
PYQ 2024
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भारतेन्दुयुगीन लेखक नहीं हैं।

1
बालकृष्ण भट्ट
2
पं० प्रतापनारायण मिश्र
3
माखनलाल चतुर्वेदी
4
किशोरी लाल गोस्वामी
04
PYQ 2024
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'भाषायोगवाशिष्ठ' के लेखक हैं।

1
'गंग' कवि
2
रामप्रसाद निरंजनी'
3
दौलतराम
4
राजा शिवप्रसाद सितारे हिन्द
05
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पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभातः
एक परदा यह झीना नील
छिपाये है जिसमें सुख गात ।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप
जगत की ज्वालाओं का;
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाओ भूल ।

06
PYQ 2024
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प्राचीन साहित्य में इस वृक्ष की पूजा के उत्सवों का बड़ा सरस वर्णन मिलता है । असल पूजा अशोक की नहीं, बल्कि उसके अधिष्ठाता कंदर्प देवता की होती थी। इसे 'मदनोत्सव' कहते थे । महाराजा भोज के 'सरस्वतीकण्ठाभरण' से जान पड़ता है कि यह उत्सव त्रयोदशी के दिन होता है । 'मालविकाग्निमित्र' और 'रत्नावली' में इस उत्सव का बड़ा सरस-मनोहर वर्णन मिलता है । राजघरानों में साधारणतः रानी ही अपने सनूपुर चरणों के आघात से इस रहस्यमय वृक्ष को पुष्पित किया करती थी। कभी-कभी रानी अपने स्थान पर किसी अन्य सुन्दरी को नियुक्त कर दिया करती थीं। कोमल हाथों में अशोक-पल्लबों को कोमलतर गुच्छ आया, आलक्तक से रंजित नूपुरमय चरणों के मृदु आघात से अशोक का पाद देश आहत हुआ नीचे हल्की रूनझुन और ऊपर लाल फूलों का उल्लास ।

07
PYQ 2024
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निम्नलिखित गद्यांश का सन्दर्भ देते हुए नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए : पुरुषार्थ वह है जो पुरुष को सप्रयास रखे, साथ ही सहयुक्त भी रखे । यह जो सहयोग है, सच में पुरुष और भाग्य का ही है । पुरुष अपने अहं से वियुक्त होता है, तभी भाग्य से संयुक्त होता है। लोग जब पुरुषार्थ को भाग्य से अलग और विपरीत करते हैं तो कहना चाहिए कि वे पुरुषार्थ को ही उसके अर्थ से विलग और विमुख कर देते हैं। पुरुष का अर्थ क्या पशु का ही अर्थ है ? बल - विक्रम तो पशु में ज्यादा होता है। दौड़-धूप निश्चय ही पशु अधिक करता है। लेकिन यदि पुरुषार्थ पशु चेष्टा के अर्थ से कुछ भिन्न और श्रेष्ठ है, तो इस अर्थ में कि वह केवल हाथ-पैर चलाना नहीं है, न क्रिया का वेग और कौशल है, बल्कि वह स्नेह और सहयोग की भावना है।

08
PYQ 2024
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सुमित्रानंदन पंत की 'साहित्य अकादमी' पुरस्कार प्राप्त काव्यकृति है:

1
'वीणा'
2
'कला और बूढ़ा चाँद'
3
'ग्रन्थि'
4
'चिदम्बरा'
09
PYQ 2024
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'कवीर वाणी के डिक्टेटर हैं' - कथन है:

1
जयशंकर प्रसाद का
2
रामचन्द्र शुक्ल का
3
नन्द दुलारे वाजपेयी का
4
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का
10
PYQ 2024
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'छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है' - यह कथन है:

1
सुमित्रानंदन पंत का
2
डॉ० नगेन्द्र का
3
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का
4
जयशंकर प्रसाद का
11
PYQ 2024
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'चाँद का मुँह टेढ़ा है' के रचनाकार हैं:

1
'मुक्तिबोध'
2
'अज्ञेय'
3
भवानीप्रसाद मिश्र
4
गिरिजाकुमार माथुर
12
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'रानी केतकी की कहानी' के लेखक हैं:

1
मुंशी प्रेमचन्द
2
सदल मिश्र
3
इंशा अल्ला खाँ
4
मुंशी सदासुख लाल
13
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छायावादी युग के प्रसिद्ध आलोचक हैं:

1
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
2
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
3
धर्मवीर भारती
4
महावीरप्रसाद द्विवेदी
14
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'गोदान' किस विधा की रचना है?

1
कहानी
2
उपन्यास
3
निबन्ध
4
नाटक
15
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बालकृष्ण भट्ट द्वारा सम्पादित पत्रिका है:

1
'कवि वचन सुधा'
2
'हिन्दी प्रदीप'
3
'विशाल भारत'
4
'साहित्य-सन्देश'
16
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'नासिकेतोपाख्यान' के रचनाकार हैं:

1
मुंशी इंशा अल्ला खाँ
2
लल्लू लाल
3
सदल मिश्र
4
मुंशी सदासुख लाल
17
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'बहादुर' अथवा 'खून का रिश्ता' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।

18
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'कर्मनाशा की हार' कहानी के प्रमुख पात्र का चरित्र चित्रण कीजिए।)

19
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए: (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)जयशंकर प्रसाद

20
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए: (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)रामधारी सिंह 'दिनकर'

21
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए: (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय'

22
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए: (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)पं० दीनदयाल उपाध्याय

23
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए: (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)वासुदेवशरण अग्रवाल

24
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए: (अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द)डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी

25
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तरनि-तनूजा तर तमाल तस्वर बहु छाये । झुके कूल सों जल परसन हित मनहुँ सुहाये ।। किध मैं मुकुर लखत उझकि सब निज निज सोभा कै प्रनवत जल जानि परम पावन फल लोभा ॥ मनु आतप वारन तीर कै सिमिटि सबै छाये रहत । के हरि सेवा हित नै रहे निरखि नैन मन सुख लहत ।।

26
PYQ 2024
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निम्नलिखित पद्यांशों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए: मुझे फूल मत मारो, मैं अबला बाला वियोगिनी,कुछ तो दया विचारो | होकर मधु के मीत मदन, पटु तुम कटु, गरल न गारो, मुझे विकलता, तुम्हें विफलता, ठहरो, श्रम परिहारो । नहीं भोगिनी यह मैं कोई, जो तुम जाल पसारो, बल हो तो सिन्दुर-बिंदु यह - यह हर नेत्र निहारो ! रूप दर्प कंदर्प, तुम्हें तो मेरे पति पर वारो, लो, यह मेरी चरण-धूलि उस रति के सिर पर धारो ।

27
PYQ 2024
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इच्छाएँ नाना हैं और नाना विधि हैं और वे उसे प्रवृत्त रखती हैं| प्रवृत्ति से वह रह-रहकर थक जाता है और निवृत्ति चाहता है । यह प्रवृत्ति और निवृत्ति का चक्र उसको द्वन्द्व से थका मारता है । इस संसार को अभी राग-भाव से वह चाहता है कि अगले क्षण उतने ही भाव-विराग से वह उसका बिनाश चाहता है । पर राग-द्वेष की वासनाओं से अंत में झुंझलाहट और छटपटाहट ही उसे आती है।

28
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निम्नलिखित गद्यांशों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: हमारी युवा शक्ति से सम्पर्क कायम करने के मेरे फैसले का आधार भी यही रहा है। उनके सपनों को जानना और उन्हें बताना कि अच्छे, भरे-पूरे और सुख-सुविधाओं से पूर्ण जीवन के सपने देखना तथा फिर स्वर्णिम युग के लिए काम करना सही है। आज जो कुछ भी करें वह आपके हृदय से किया गया हो, अपनी आत्मा को अभिव्यक्ति दें और इस तरह आप अपने आस-पास प्यार तथा खुशियों का प्रसार कर सकेंगे ।

29
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द) : भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

30
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द) : वासुदेवशरण अग्रवाल

31
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'दोहा' छंद अथवा 'कुण्डलिया' छंद की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

32
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'यमक' अलंकार अथवा 'उपमा' अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

33
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'श्रृंगार रस' अथवा 'वीभत्स रस' की परिभाषा लिखकर उसका उदाहरण दीजिए।

34
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कहानी तत्त्वों के आधार पर 'खून का रिश्ता' अथवा 'लाटी' कहानी की समीक्षा कीजिए। ( अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द )

35
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'पंचलाइट' कहानी के प्रमुख पात्र का चरित्र चित्रण कीजिए। (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द)

36
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कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक विशेषताओं को लिखिए: ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द )अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

37
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कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक विशेषताओं को लिखिए: ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द )महादेवी वर्मा

38
PYQ 2024
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कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक विशेषताओं को लिखिए: ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द )भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

39
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए : ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द) हरिशंकर परसाई

40
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए : ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द) प्रो० जी० सुन्दर रेड्डी

41
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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी रचनाओं का उल्लेख कीजिए : ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द) कन्हैया लाल मिश्र 'प्रभाकर'

42
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निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
धरती माता की कोख में जो अमूल्य निधियाँ भरी हैं, जिनके कारण वह वसुन्धरा कहलाती है उससे कौन परिचित न होना चाहेगा? लाखों-करोड़ों वर्षों से अनेक प्रकार की धातुओं को पृथ्वी के गर्भ में पोषण मिला है। दिन-रात बहने वाली नदियों ने पहाड़ों को पीस पीसकर अगणित प्रकार की मिट्टियों से पृथ्वी की देह को सजाया है। हमारे भावी आर्थिक अभ्युदय के लिए इन सबकी जाँच-पड़ताल अत्यन्त आवश्यक है। पृथ्वी की गोद में जन्म लेने वाले जड़-पत्थर कुशल शिल्पियों से सँवारे जाने पर अत्यन्त सौन्दर्य का प्रतीक बन जाते हैं। नाना भाँति के अनगढ़ नग विन्ध्य की नदियों के प्रवाह में सूर्य की धूप से चिलकते रहते हैं, उनको जब चतुर कारीगर पहलदार कटाव पर लाते हैं तब उनके प्रत्येक घाट से नयी शोभा और सुन्दरता फूट पड़ती है, वे अनमोल हो जाते हैं। देश के नर-नारियों के रूप-मण्डन और सौन्दर्य-प्रसाधन में इन छोटे पत्थरों का भी सदा से कितना भाग रहा है, अतएव हमें उनका ज्ञान होना भी आवश्यक है।

43
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हिन्दी साहित्य का प्रथम कवि माना जाता है:

1
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को
2
सुमित्रानन्दन पंत को
3
सरहपा को
4
'अज्ञेय' को
44
PYQ 2024
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'रेखाचित्र' पर आधारित रचना है:

1
मुद्रा राक्षस
2
साहित्यालोचन
3
अतीत के चलचित्र
4
अन्तरिक्ष की यात्रा
45
PYQ 2024
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'रसज्ञ-रंजन' कृति के लेखक हैं:

1
श्याम सुन्दर दास
2
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
3
गुलाब राय
4
महावीर प्रसाद द्विवेदी
46
PYQ 2024
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खड़ी बोली गद्य के जनक हैं:

1
जयशंकर प्रसाद
2
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
3
प्रताप नारायण मिश्र
4
इनमें से कोई नहीं
47
PYQ 2024
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'श्रृंगार रस मण्डन' के रचनाकार हैं:

1
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
2
महादेवी वर्मा
3
गोसाई विट्ठलनाथ
4
राधाचरण गोस्वामी
48
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जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के भरण-भोषण की, उसके शिक्षण की जिससे वह समाज के एक जिम्मेदार घटक के नाते अपना योगदान करते हुए अपने विकास में समर्थ हो सके, उसके लिए स्वस्थ एवं क्षमता की अवस्था में जीविकोपार्जन की ओर यदि किसी भी कारण वह सम्भव न हो तो भरण- पोषण की तथा उचित अवकाश की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी समाज की है। प्रत्येक सभ्य समाज इसका किसी न किसी रूप में निर्वाह करता है। प्रगति के यही मुख्य मानदण्ड हैं। अतः न्यूनतम जीवन स्तर की गारंटी, शिक्षा, जीविकोपार्जन के लिए रोजगार, सामाजिक हमें मूलभूत अधिकार के रूप में स्वीकार करना होगा।

49
PYQ 2024
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सामने टिकते नहीं वनराज, पर्वत डोलते हैं, काँपता है कुंडली मारे समय का व्याल, मेरी बाँह में मारुत, गरुड़, गजराज का बल है मर्त्य मानब की विजय का तूर्य हूँ मैं, उर्वशी ! अपने समय का सूर्य हूँ मैं । अंध तम के भाल पर पावक जलाता हूँ बादलों के सीस पर स्यंदन चलाता हूँ ।

50
PYQ 2024
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निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
लज्जाशीला पथिक महिला जो कहीं दृष्टि आये ।
होने देना विकृत वसना तो न तू सुंदरी को ।
जो थोड़ी भी श्रमित वह हो गोद ले श्रांति खोना ।
होठों की औ कमल मुख की म्लानताएँ मिटाना ।
कोई क्लान्ता कृषक-ललना खेत में जो दिखावै ।
धीरे-धीरे परस उसकी क्लान्तियों को मिटाना ।
जाता कोई जलद यदि हो व्योम में तो उसे ला ।
छाया द्वारा सुखित करना, तप्त भूतांगना को ।

51
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रवीन्द्रनाथ ने इस भारतवर्ष को 'महामानव समुद्र' कहा है । विचित्र देश है यह ! असुर आये, - न जाने कितनी मानव-जातियाँ आये, शक आये, हूण आये, नाग आये, यक्ष आये, गंधर्व आये यहाँ आयीं और आज के भारतवर्ष को बनाने में अपना हाथ लगा गयीं। जिसे हम हिन्दू रीति-नीति कहते हैं, वह अनेक आर्य और आर्येतर उपादानों का मिश्रण है। एक-एक पशु, एक-एक पक्षी न जाने कितनी स्मृतियों का भार लेकर हमारे सामने उपस्थित हैं । अशोक की भी अपनी स्मृति - परम्परा है । आम की भी, बकुल की भी, चंपे की भी । सब क्या हमें मालूम है ? जितना मालूम है, उसी का अर्थ क्या स्पष्ट हो सका है ?

52
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निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है । मनुष्यों ने युगों-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंधमात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है । संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि संभव है । राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थान है । यदि भूमि और जन अपनी संस्कृति से विरहित कर दिये जायँ तो राष्ट्र का लोप समझना चाहिए। जीवन के विटप का पुष्प संस्कृति है ।

53
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राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद की रचना है ?

54
PYQ 2024
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भारतेन्दु युग के लेखक हैं ?

55
PYQ 2024
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भरी असफलताएं किस विधा की रचना है ?

56
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आवारा मसीहा के लेखक हैं ?

57
PYQ 2024
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हिंदी का प्रथम मौलिक उपन्यास है ?

1
'तितली'
2
'कंकाल'
3
'परीक्षा गुरु'
4
'गबन'
58
PYQ 2024
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स्कूल के प्रति सूझ का विरोध है:

1
भारतेन्दु-युग
2
द्विवेदी-युग
3
छायावाद
4
प्रगतिवाद
59
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भारतेन्दु ने स्त्री शिक्षा से संबंधित किस पत्रिका का प्रकाशन किया था?

1
हरिश्चन्द्र-चंद्रिका
2
'हंस'
3
'कविवचन सुधा'
4
'बाला बोधिनी'
60
PYQ 2024
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गंगालहरी के रचयिता हैं:

1
जननाथ दास 'रत्नाकर'
2
सूरदास
3
तुलसीदास
4
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
61
PYQ 2024
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यह अनुभव कितना चमत्कारी है कि यहाँ जो जितनी अधिक ऊँची है, वह उतनी ही अधिक उत्कृष्ट, मुस्कानमयी है। यह किस दीपक की जोत है? जागरूक जीवन की! लक्ष्यसिद्ध जीवन की! सेवा-निष्ठ जीवन की! अपने विश्वासों के साथ एकता जीवन की! भाषा के भेद रहें, रहेंगे भी, पर यह जोत विश्व की सर्वोत्तम जोत है।

62
PYQ 2024
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प्रयोगवादी कवियों को 'राहों का अन्वेषी' कहा है :

1
नामवर सिंह ने
2
रामविलास शर्मा ने
3
रामचन्द्र शुक्ल ने
4
सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' ने
63
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निम्न में से प्रगतिवादी कवि नहीं हैं :

1
गजानन माधव मुक्तिबोध
2
केदारनाथ अग्रवाल
3
गिरिजाकुमार माथुर
4
त्रिलोचन शास्त्री
64
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'डायरी' विधा की रचना नहीं है :

1
'ज्यादा अपनी कम पराई'
2
'निठल्ले की डायरी'
3
'एक साहित्यिक की डायरी'
4
'रोजनामचा'
65
PYQ 2024
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जैनेन्द्र कुमार द्वारा लिखित उपन्यास है :

1
'त्यागपत्र'
2
'ऋतुचक्र'
3
'परती परिकथा'
4
'चारुचन्द्र लेख'
66
PYQ 2024
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निम्न में से कृति एवं कृतिकार का एक गलत युग्म है :

1
'प्रेमसागर' - लल्लूलाल
2
'नासिकेतोपाख्यान' - सदल मिश्र
3
'चंद छन्द बरनन की महिमा' - किशोरीलाल गोस्वामी
4
'भाषा योगवाशिष्ठ' - रामप्रसाद 'निरंजनी'
67
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तिब्बत यात्रा के लेखक हैं:

1
'अध्यापक पूर्ण सिंह'
2
'बालकृष्ण भट्ट'
3
'राहुल सांकृत्यायन'
4
'नंददुलारे वाजपेयी'
68
PYQ 2024
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कौन-सी रचना नाटक नहीं है?

1
'गरुड़ध्वज'
2
'अपना-अपना भाग्य'
3
'आन का मान'
4
'राजमुकुट'
69
PYQ 2024
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माटी की मूरतें के लेखक हैं:

1
'बालकृष्ण भट्ट'
2
'महावीर प्रसाद त्रिवेदी'
3
'रामवृक्ष बेनीपुरी'
4
'हजारी प्रसाद द्विवेदी'
70
PYQ 2024
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चिन्तामणि किस विधा की रचना है?

1
कहानी
2
निबंध
3
नाटक
4
उपन्यास
71
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ज्ञानपीठ पुरस्कार निम्नलिखित में से किस रचना पर मिला है?

1
'लोकायतन'
2
'चिदम्बरा'
3
'कला और बूढ़ा चाँद'
4
'ग्राम्या'
72
PYQ 2024
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श्रद्धा - मनु शीर्षक रचना किस ग्रंथ से संकलित है?

1
'आँसू'
2
'लहर'
3
'कामायनी'
4
'झरना'
73
PYQ 2024
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सूर्यकान्त त्रिपाठी की रचना है:

1
'बापू के प्रति'
2
'पल्लव'
3
'अँधेरे में'
4
'राम की शक्ति पूजा'
74
PYQ 2024
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महादेवी वर्मा को ज्ञानपीठ पुरस्कार किस सन् में प्राप्त हुआ?

1
सन् 1976
2
सन् 1980
3
सन् 1983
4
सन् 1985
75
PYQ 2024
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इन्दु पत्रिका के प्रकाशक हैं:

1
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
2
चन्द्र धर शर्मा 'गुलेरी'
3
अम्बिका प्रसाद गुप्त
4
बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'
76
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'वासुदेवशरण अग्रवाल' का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए:

77
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'प्रो. जी. सुन्दर रेड्डी' का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए:

78
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'डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी' का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए:

79
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'अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध' का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए:

80
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'जयशंकर प्रसाद' का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए:

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'महादेवी वर्मा' का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए:

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कहानी कला के आधार पर पंचलाइट कहानी की समीक्षा कीजिए। (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द)

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ध्रुवयात्रा के प्रमुख पात्र का चरित्र चित्रण:

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प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में उत्तर दीजिए:संस्कृत-साहित्यस्य आदिकविः कः अस्ति ?

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‘बरवै' छन्द अथवा 'इन्द्रवज्रा' छन्द की सोदाहरण परिभाषा लिखिए।

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'श्लेष' अलंकार अथवा 'उत्प्रेक्षा' अलंकार की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।

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‘श्रृंगार' रस अथवा 'रौद्र' रस की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।

88
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'बहादुर' अथवा 'कर्मनाशा की हार' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।( अधिकतम शब्द-सीमा 80 शब्द )

89
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'लाटी' कहानी के आधार पर उसके प्रमुख पात्र का चरित्र चित्रण कीजिए।( अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द )

90
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जीवन परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए: ( अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द ) सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' का जीवन परिचय एवं उनकी कृतियाँ।

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जीवन परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए: ( अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द ) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' का जीवन परिचय एवं उनकी कृतियाँ।

92
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जीवन परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए: ( अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द ) जगन्नाथदास 'रत्नाकर' का जीवन परिचय एवं उनकी कृतियाँ।

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लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द ) जैनेन्द्र कुमार का जीवन परिचय एवं भाषा-शैली।

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लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द ) प्रो० जी० सुन्दर रेड्डी का जीवन परिचय एवं भाषा-शैली।

95
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लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: ( अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द ) कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' का जीवन परिचय एवं भाषा-शैली।

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सुमित्रानंदन पन्त को 'साहित्य अकादमी' पुरस्कार मिला था :

1
'चिदम्बरा' पर
2
'लोकायतन' पर
3
'कला और बूढ़ा चाँद' पर
4
'युगवाणी' पर
97
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निम्न में से 'दूसरा सप्तक' में प्रकाशित कवि हैं :

1
गिरिजाकुमार माथुर
2
धर्मवीर भारती
3
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
4
नेमिचन्द्र जैन
98
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जयशंकर प्रसाद की प्रथम काव्यकृति है :

1
'कामायनी'
2
'लहर'
3
'आँसू'
4
'चित्राधार'
99
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'पंचलाइट' अथवा 'खून का रिश्ता' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।

100
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'बहादुर' कहानी के आधार पर 'बहादुर' का चरित्र चित्रण कीजिए।( अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द)

101
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कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए: (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द ) महादेवी वर्मा

102
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कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी कृतियों पर प्रकाश डालिए: (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द )जयशंकर प्रसाद

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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द) श्री हरिशंकर परसाई

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लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए: (अधिकतम शब्द - सीमा 80 शब्द) डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

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मैं कब कहता हूँ जग मेरी दुर्धर गति के अनुकूल बने, मैं कब कहता हूँ जीवन-मरु नंदन कानन का फूल बने ?
काँटा कठोर है तीखा है, उसमें उसकी मर्यादा है,
मैं कब कहता हूँ वह घटकर प्रांतर का ओछा फूल बने ?
मैं कब कहता हूँ मुझे युद्ध में कहीं न तीखी चोट मिले ?
मैं कब कहता हूँ प्यार करूँ तो मुझे प्राप्ति की ओट मिले ?

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निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
कान्ह-दूत कैधौं ब्रह्म-दूत है पधारे आप, धारे प्रून फेरन कौ मति ब्रजबारी की ।
कहैं 'रत्नाकर' पै प्रीति-रीति जानत ना, ठानत अनीति आनि रीति ले अनारी की ।
मान्यौ हम, कान्ह ब्रह्म एक ही, कह्यौ जो तुम, तोहूँ हमें भावति न भावना अन्यारी की ।
जैहै बनि बिगरि न बारिधिता बारिधि की, बूँदता बिलैहै बूँद बिबस बिचारी की ।

107
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हमारी सम्पूर्ण व्यवस्था का केन्द्र मानव होना चाहिए जो 'यत् पिण्डे तद् ब्रह्मांडे' के न्याय के अनुसार समष्टि का जीवमान प्रतिनिधि एवं उसका उपकरण है । भौतिक उपकरण मानव के सुख के साधन हैं, साध्य नहीं । जिस व्यवस्था में भिन्नरुचिलोक का विचार केवल एक औसत मानव से अथवा शरीर-मन-बुद्धि- आत्मायुक्त अनेक एषणाओं से प्रेरित पुरुषार्थचतुष्टयशील, पूर्ण मानव के स्थान पर एकांगी मानव का ही विचार किया जाए, वह अधूरी है। हमारा आधार एकात्म मानव है जो अनेक एकात्म समष्टियों का एक साथ प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखता है । एकात्म मानववाद (Integral Humanism) के आधार पर हमें जीवन की सभी व्यवस्थाओं का विकास करना होगा ।

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निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : धरती माता की कोख में जो अमूल्य निधियाँ भरी हैं, जिनके कारण वह वसुन्धरा कहलाती है उससे कौन परिचित न होना चाहेगा ? लाखों-करोड़ों वर्षों से अनेक प्रकार की धातुओं को पृथ्वी के गर्भ में पोषण मिला है । दिन-रात बहनेवाली नदियों ने पहाड़ों को पीस पीस कर अगणित प्रकार की मिट्टियों से पृथ्वी की देह को सजाया है, । हमारे भावी आर्थिक अभ्युदय के लिए इन सबकी जाँच पड़ता अत्यन्त आवश्यक है । पृथ्वी की गोद में जन्म लेने वाले जड़-पत्थर कुशल शिल्पियों से सँवारे जाने पर अत्यन्त सौन्दर्य का प्रतीक बन जाते हैं ।

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निम्नलिखित में से कौन-सी 'अज्ञेय' की काव्यकृति नहीं है ?

1
'इन्द्रधनु रौंदे हुए ये'
2
'ऐसा कोई घर आपने देखा है'
3
'कला और बूढ़ा चाँद'
4
'आँगन के पार द्वार'
110
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निम्नलिखित में से किस कवि को 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' नहीं मिला है ?

1
'सुमित्रानन्दन पंत' को
2
'रामधारी सिंह दिनकर' को
3
'महादेवी वर्मा' को
4
'गजानन माधव मुक्तिबोध' को
111
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'बीती बिभावरी जाग री' कविता 'प्रसाद' जी की किस कृति में संकलित है ?

1
'स्कन्दगुप्त' में
2
'चन्द्रगुप्त' में
3
'लहर' में
4
'आँसू' में
112
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कौन-सा काव्यान्दोलन 'स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह' है ?

1
'छायावाद'
2
'प्रगतिवाद'
3
'प्रयोगवाद'
4
'समकालीन कविता'
113
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'भवानीप्रसाद मिश्र' निम्नलिखित में से किस 'सप्तक' में संकलित हैं ?

1
'तारसप्तक' में
2
'दूसरा सप्तक' में
3
'तीसरा सप्तक' में
4
'चौथा सप्तक' में
114
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'वैचारिकी शोध और बोध' कृति के रचनाकार हैं :

1
'डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी'
2
'प्रो. जी. सुंदर रेड्डी'
3
'जैनेन्द्र कुमार'
4
'हरिशंकर परसाई'
115
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कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' द्वारा लिखित 'संस्मरण' - विधा की रचना है :

1
'भूले-बिसरे चेहरे'
2
'क्षण बोले कण मुस्काए'
3
'धरती के फूल'
4
'दीप जले – शंख बजे'
116
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डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल द्वारा लिखित निबंध संग्रह है :

1
'कला और संस्कृति'
2
'साहित्य का श्रेय और प्रेय'
3
'विचार और वितर्क'
4
'तुलसीदास चंदन घिसें'
117
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निम्नलिखित में से कहानीकार और उनके द्वारा लिखित कहानी का ग़लत युग्म है :

1
'इंशाअल्लाह खाँ 'रानी केतकी की कहानी''
2
'रामचन्द्र शुक्ल – 'ग्यारह वर्ष का समय ''
3
'माधव राव सप्रे – 'एक टोकरी भर मिट्टी''
4
'शिवप्रसाद सिंह - 'ज़िंदगी और जोंक''
118
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हिन्दी गद्य-साहित्य में 'शुक्लयुग' की समय-सीमा है :

1
'सन् 1900 ई. से सन् 1920 ई. तक'
2
'सन् 1915 ई. से सन् 1935 ई. तक'
3
'सन् 1918 ई. से सन् 1938 ई. तक'
4
'सन् 1920 ई. से सन् 1939 ई. तक'
119
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खड़ीबोली की प्रथम रचना मानी जाती है:

1
'साहित्यालोचन'
2
'गोरा बादल की कथा'
3
'पद्मावत'
4
'साहित्य लहरी'