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Chapter Questions 102 MCQs
‘अपना मालवा...’ पाठ के आधार पर पानी के रख-रखाव की परंपरागत प्रणाली और ज्ञान परंपरा को स्पष्ट करते हुए बताइए कि आज जो चूक हो रही है उसके क्या कारण हैं।
‘कुटज’ पाठ के आधार पर उसकी अपराजेय जीवनी शक्ति को उदाहरण सहित समझाइए।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?
‘उर्दू कानों में हम लोगों की बोली कुछ अनोखी लगती’ – पंक्ति के द्वारा लेखक रामचंद्र शुक्ल तत्कालीन भाषिक समाज की किस विशेषता पर टिप्पणी कर रहे थे ? हिंदी और उर्दू के संबंध पर आपकी क्या राय है ?
विद्यापति की नायिका के दारुण दुख का क्या कारण है ? लोगों के प्रति उसका क्या भाव है ?
‘बीट’ को स्पष्ट करते हुए उसकी विशेष तैयारियों के महत्त्व को समझाइए।
पहले के मालवा और अब के मालवा में लेखक को क्या अंतर दिख रहा था ? इसके लिए उत्तरदायी तत्त्वों को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
“बिसनाथ मान ही नहीं सकते कि बिस्कोहर से अच्छा कोई गाँव हो सकता है और बिस्कोहर से ज्यादा सुंदर कहीं की औरत हो सकती है।” – इस वाक्य के माध्यम से बिसनाथ के चरित्र की विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए । उनके ऊपर अपने बचपन के प्रभाव का विवेचन भी कीजिए।
‘सूरदास की झोंपड़ी’ पाठ में सुभागी सूरदास के पास क्यों आई थी ? उसने भैरों के पास जाने का निश्चय क्यों किया ? इससे उसके चरित्र की कौन-कौन-सी विशेषताएँ सामने आती हैं ?
‘संवदिया’ की भूमिका स्पष्ट करते हुए लिखिए कि आप हरगोबिन की जगह होते तो क्या करते । (तर्कपूर्ण उत्तर अपेक्षित)
“बिसनाथ को अपने गाँव बिस्कोहर से जो लगाव है वह मूलतः मनुष्य की अपनी स्मृतियों के प्रति लगाव का ही एक रूप है।” ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण टिप्पणी कीजिए।
बचपन में ही बिसनाथ पर कौन-सा अत्याचार हो गया ? इसके परिणामस्वरूप उनके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए ? आपके भीतर बालक बिसनाथ के प्रति कैसे भाव उमड़े हैं और क्यों ?
झोंपड़ी में रूपयों का होना सूरदास के लिए कैसी बात थी ? यह समाज की किस मानसिकता का पता देती है ? क्या आप इस प्रकार की सोच से सहमत हैं ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ में शरणार्थी किन्हें कहा गया है ? वे अपने ही देश में शरणार्थी कैसे बन गए ?
विद्यापति के पदों में वर्णित नायिका की दशा कैसी है ? उसके प्रति आपके मन में कौन-से भाव उभरते हैं ?
‘देवसेना का गीत’ वेदना और निराशा के मनोभावों का एक चित्र है – कैसे ?
यह क्यों कहा जाता है कि नाटक ही एक ऐसी विधा है जो हमेशा वर्तमान काल में घटित होती है । किसी ऐतिहासिक या पौराणिक नाटक के उदाहरण से इसे स्पष्ट कीजिए।
जनसंचार के विभिन्न माध्यमों का उल्लेख करते हुए उनकी एक-एक ख़ूबियों को लिखिए। (किन्हीं तीन का उल्लेख आवश्यक है)
“झोंपड़े की आग ईर्ष्या की आग की भाँति कभी नहीं बुझती।” ‘सूरदास की झोंपड़ी’ पाठ में किसकी ईर्ष्या का उल्लेख किया गया है? ईर्ष्या का कारण क्या है? क्या आपको लगता है कि वह कारण सहज, स्वाभाविक और मानवीय है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
हमारी तथाकथित विकसित सभ्यता अपनी ही प्राचीन ज्ञान परंपरा को भूलकर प्रकृति के साथ खिलवाड़ करते हुए विनाश को रास्ता दे रही है। ‘अपना मालवा....’ पाठ के आधार पर लिखिए कि ऐसा कैसे और क्यों हो रहा है।
‘दूसरा देवदास’ पाठ में संभव ने मज़ाक-मज़ाक में अपना नाम ‘संभव देवदास’ क्यों कहा? इसमें कौन-सा साहित्यिक संकेत छिपा हुआ है?
‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए कि विकास की आधुनिक परिकल्पना ने पर्यावरण विनाश की नींव रखी है।
‘कुटज’ पाठ के आधार पर उसकी अपराजेय जीवनी शक्ति को उदाहरण सहित समझाइए।
घनानंद के 'कवित्त' के आधार पर उनकी नायिका की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। (कोई दो विशेषताएँ अपेक्षित)
महानगरीय जीवन में मनुष्य प्रकृति से दूर हो गया है — इस बात को 'वसंत आया' कविता किस प्रकार रेखांकित करती है?
विद्यापति और जायसी की नायिकाओं में किस प्रकार की समानता है? पठित पदों के आधार पर किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।
‘प्रेमघन’ के व्यक्तित्व की सामंती प्रवृत्तियों को सोदाहरण सामने रखिए।
‘मुझ भाग्यहीन की तू संबल’ — कवि स्वयं को भाग्यहीन क्यों कह रहा है? उसका संबल कौन है?
‘भरत राम का प्रेम’ प्रसंग के आधार पर लिखिए कि भरत स्वयं को सभी अनर्थों का मूल क्यों मानते हैं।
नाटक की रचना और प्रस्तुति का सबसे सशक्त माध्यम क्या और क्यों है ?
भैरों ने सूरदास की झोंपड़ी में आग क्यों लगाई ? वह अपने कार्य को उचित क्यों मान रहा था ? आपके विचार से भैरों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाना चाहिए और क्यों ?
तुलसीदास के ‘भरत’ आदर्श भाई का एक मानक प्रस्तुत करते हैं, कैसे? पाठ्यक्रम में पढ़े हुए अंश के आधार पर लिखिए।
आपके पाठ्यक्रम में मज़दूरों के शोषण पर केंद्रित लघुकथा कौन-सी है और उसमें उनके शोषण के किन पक्षों पर प्रकाश डाला गया है?
सुख और दुख में जीवन जीने की कैसी प्रेरणा कुटज दे रहा है ? ‘कुटज’ पाठ के आधार पर उदाहरण सहित लिखिए।
असगर वजाहत द्वारा लिखी चारों लघु-कथाओं में से आपको सबसे अधिक प्रभावी कौन-सी लगी और क्यों ?
विद्यापति की नायिका को क्यों लगता है कि लोग उसके ‘दारुण दुःख’ पर विश्वास नहीं करेंगे? उसके दुःख का कारण स्पष्ट करते हुए लिखिए।
‘अपना मालवा .....’ पाठ के आधार पर लिखिए कि जलवायु परिवर्तन के लिए कौन ज़िम्मेदार हैं? इस परिवर्तन का परिणाम क्या है? इसके दुष्परिणामों से बचाव के उपाय क्या हैं?
‘हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति शुक्ल जी का रुझान बाल्यकाल से था।’ ‘प्रेमचन्द की छाया स्मृति’ पाठ के आधार पर पुष्टि कीजिए।
‘डा–डा रोटी पाप–पग नीर’ वाले मालवा की वर्तमान स्थिति ‘अपना मालवा खाओ–उजाड़ो सभ्यता में’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। स्थिति के कारणों को स्पष्ट करते हुए यह भी लिखिए कि इसे कैसे सुधारा जा सकता है ?
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ में वर्णित ग्रामीण जीवन की झांकी प्रस्तुत कीजिए।
‘सूरदास की झोंपड़ी’ पाठ के संदर्भ में सच्चे खिलाड़ी की पहचान बताते हुए उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए कि सूरदास जीवन रूपी संयम का सच्चा खिलाड़ी था।
निम्नलिखित पंक्तियों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
कहते हैं, पर्वत शोभा-निकेतन होते हैं। फिर हिमालय का तो कहना ही क्या!
पूर्व और अपर समुद्र-महौदधि और रत्नाकर – दोनों को दोनों भुजाओं से थामता हुआ
हिमालय ‘पृथ्वी का मानदंड’ कहा जाए तो गलत क्या है? कालिदास ने ऐसा ही कहा था।
इसी के पाद-देश में यह श्रृंखला दूर तक लोटी हुई है, लोग इसे शिवालिक श्रृंखला कहते हैं।
‘शिवालिक’ का क्या अर्थ है? ‘शिवालिक’ या शिव के जटाजूट का निचला हिस्सा तो नहीं है।
लगता तो ऐसा ही है। शिव की लटियायी जटा ही इतनी सूखी, नीरस और कठोर हो सकती है।
वैसे, अलकनंदा का स्रोत यहाँ से काफी दूरी पर है, लेकिन शिव का अलक तो दूर-दूर तक
छितराया ही रहता होगा। संपूर्ण हिमालय को देखकर तो किसी के मन में समाधिस्थ महादेव की
मूर्ति स्पष्ट हुई होगी।
निम्नलिखित पंक्तियों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए:
“हरगोविन भाई, तुमको एक संवाद ले जाना है। आज ही। बोलो, जाओगे न?”
“कहाँ?”
“मेरी माँ के पास।”
हरगोविन बड़ी बहुरिया की छलछलाई आँखों में डूब गया, “कहिए, क्या संवाद है?”
संवाद सुनाते समय बड़ी बहुरिया सिसकने लगी। हरगोविन की आँखें भी भर आईं।
बड़ी हवेली की लक्ष्मी को पहली बार इस तरह सिसकते देखा है हरगोविन ने।
वह बोला, “बड़ी बहुरिया, दिल को कड़ा कीजिए।”
“और कितना कड़ा करूँ दिल?... माँ से कहना, मैं भाई-भाभियों की नौकरी करके पेट पालूँगी।
बच्चों की जूठन खाकर एक कोने में पड़ी रहूँगी, लेकिन यहाँ अब नहीं... अब नहीं रह सकूँगी।
कहना, यदि माँ मुझे यहाँ से नहीं ले जाएगी तो मैं किसी दिन गढ़ा बाँधकर पोखरे में डूब मरूँगी...
बघेला-साग खाकर कब तक जीऊँ? किसलिए... किसके लिए?”
विस्थापन के विरोध में पेड़ों का सूखना क्या दर्शाता है ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
हेरोल्डिन संवेदनशील था, उसके द्वारा बड़ी बहरिया के संवाद को न पहुँचाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
‘परिवेश का व्यक्तित्व निर्माण पर प्रभाव पड़ता है’ – आचार्य रामचंद्र शुक्ल के व्यक्तित्व के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।
“सूरदास जैसे व्यक्ति वास्तविक चरित्र की जगह आदर्श व्यक्ति प्रतीत होते हैं” — ऐसा सूरदास के किन गुणों के आधार पर कहा जा सकता है? उसके गुणों की वर्तमान समाज में आज और अधिक आवश्यकता क्यों है?
सूरदास के चरित्र की विशेषताओं का वर्णन करते हुए लिखिए कि आप उनमें से किन को अपनाना चाहेंगे और क्यों? (कम-से-कम तीन विशेषताओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिए)
‘सरोज स्मृति’ कवि का एक शोक गीत है। तर्कपूर्ण उत्तर से सिद्ध कीजिए।
‘रूप व्यक्ति-सत्य है, नाम समाज-सत्य’ — ‘कुटज’ पाठ में लेखक इस पंक्ति के माध्यम से हमें क्या समझाना चाहता है?
यूँ तो हरगोबिन पूरा संवाद ज्यों का त्यों सुना दिया करता था परंतु बड़ी बहुरिया के मायके में वह संवाद नहीं सुना पाया। इसके कारणों की विवेचना कीजिए।
झोंपड़ी जला दिए जाने के बाद भी सूरदास का किसी से प्रतिशोध न लेना, उसके स्वभाव की किस विशेषता को दर्शाता है? सूरदास जैसे चरित्र की वर्तमान समय में क्या प्रासंगिकता है?
‘प्रेमचंद चौधरी एक खास हिंदुस्तानी रईस थे।’ ‘प्रेमचंद की छाया स्मृति’ पाठ के आधार पर उदाहरण सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए।
देवसेना के जीवन-संघर्ष को अपने शब्दों में लिखिए।
अगर आप किसी ‘बीट’ के पत्रकार बनना चाहते हैं तो उसके लिए किस प्रकार की विशेषता चाहिए ?
जन-संचार माध्यमों को समाचारों से अलग हटकर विविध क्षेत्रों या विषयों के बारे में भी जानकारी क्यों देनी पड़ती है ?
रेडियो और टेलीविजन दोनों के एक रेखीय माध्यम होने पर भी दोनों में मूलभूत अंतर क्या है ?
धरती के तापमान में वृद्धि के लिए ‘अपना मालवा खाओ–उजाड़ सभ्यता में….’ पाठ में किसे जिम्मेदार ठहराया गया है? क्या इस तापमान वृद्धि में हमारी भी कोई भूमिका है? हम धरती के तापमान को नियंत्रित कैसे रख सकते हैं?
‘इसे सेस, सारथी भी नहीं बचा सकतें’ - ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ में यह कथन किस संदर्भ में कहा गया है? इसका क्या आशय है? इस संदर्भ में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
झोंपड़ी जला दिए जाने के बाद भी सूरदास का किसी से प्रतिशोध न लेना, उसके स्वभाव की किस विशेषता को दर्शाता है? सूरदास जैसे चरित्र की वर्तमान समय में क्या प्रासंगिकता है? स्पष्ट कीजिए।
‘सदानीरा नदियाँ अब मालवा के गालों के आँसू भी नहीं बहा सकतीं’ कथन के संदर्भ में लिखिए देश के अन्य हिस्सों में नदियों की क्या स्थिति है और इसका क्या कारण है ?
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर बिस्कोहर में होने वाली वर्षा का वर्णन कीजिए, साथ ही गाँव वालों को उसके बाद होने वाली कठिनाइयों का उल्लेख कीजिए।
‘झोंपड़ी जला दिए जाने के बाद भी सूरदास प्रतिरोध में नहीं पुनर्निर्माण में विश्वास रखता है।’ सूरदास जैसे व्यक्ति की वर्तमान समय में क्या प्रासंगिकता है ? टिप्पणी कीजिए।
‘दूसरा देवदास’ कहानी में मंसा देवी पर होने वाले किस व्यापार की बात कही गई है ?
‘संवदिया’ कहानी के आधार पर लिखिए कि बड़ी हवेली से आने वाले बुलाहट पर संवदिया की क्या प्रतिक्रिया हुई।
‘बालक बच गया’ प्रसंग के संदर्भ में लिखिए कि स्कूल के वार्षिकोत्सव में बालक से उसकी उम्र और योग्यता से बढ़-चढ़ कर सवाल क्यों पूछे जा रहे थे।
बलीहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कृश यमराज के दाँतों निःश्वास के समान धधकती लू में भी यह हरा भी है और भरा भी है, दुःख के चिन्तन से भी अधिक करुणा की कारा में रुद्ध अज्ञात जलस्रोत से बरसते रस कीचक सरस बना हुआ है।
और सूखे के मद्देनज़र से भी अधिक तृप्तिकर और तिक्त निराशा के भाव से भी अधिक पीड़ाहारी।
कठिन जीवन-शक्ति है। प्राण की जिजीविषा को पुष्टिकर करता है, जीवन-विघ्नों की निवृत्ति का कठिन जीवनाधार है।
प्राण की आतप को शीतल करता है, टूटते हृदयों को सहारा देता है।
यह पूर्वतानी हिमालय की हिमाच्छादित चोटियों से, वहीं कहीं भगवती महादेव सगाई लगाए बैठे होंगे;
नीचे सपाट परतीली ज़मीं पसरी हुई है, किन्तु जहाँ-तहाँ जीवनतंतुश्री सरिताएँ आगे बढ़ने का मार्ग खोज रही होंगी –
वहीं वह झरना ऊबड़-खाबड़ ज़मीन में – सूखी, नीर, कठोर।
यहीं आकर आसीन मानकर बैठे हैं मेरे परिचारक दोस्त कुत्ज।
विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलपन में पहली बार अमसर गाँव में देखने को मिला।
पेड़ों के घने झुरमुट, साफ-सुथरे खपरैल लगी मिट्टी के झोंपड़े और पानी।
चारों तरफ़ पानी।
अगर मोटर-रोड की भागती बस की खिड़की से देखा, तो लोगों जैसे सपनों में डूबा झील है, एक अंतहीन सागर, जिसमें पेड़, झोंपड़े, आदमी, ढोर-डंगर आधे पानी में, आधे ऊपर तिरते दिखाई देते हैं, मानो किसी बाढ़ में सब कुछ डूब गया हो, पानी में जम गया हो।
फिर यह सच है... यह बाढ़ नहीं, पानी में डूबे बान के खेत हैं।
अगर बस थोड़ी सी हिम्मत दिखाकर गाँव के भीतर चले, तब वे औरतें दिखाई देंगी जो एक पांत में झुकी हुई धान के पौधे छप-छप पानी में रोप रही हैं।
‘सदानीरा नदियाँ अब माताओं के गालों के आँसू भी नहीं बहा सकतीं’ कथन के संदर्भ में लिखिए देश के अन्य हिस्सों में नदियों की क्या स्थिति है और इसके क्या कारण हैं?
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर बिस्कोहर में होने वाली वर्गों का वर्णन कीजिए, साथ ही गाँव वालों को उनके बारे में होने वाली किन भ्रांतियों का उल्लेख कीजिए।
‘सूरदास की झोपड़ी’ पाठ सूरदास जैसे लाचार और बेबस व्यक्ति की जिजीविषा एवं उसके संघर्ष का अनूठा चित्रण है। सिद्ध कीजिए।
जो समझता है कि वह दूसरों का उपकार कर रहा है वह अभोला है, जो समझता है कि वह दूसरे का उपकार कर रहे हैं वह मूर्ख है।
उपकार न किसी ने किया है, न किसी पर किया जा सकता है।
मूल बात यह है कि मनुष्य जीता है, केवल जीने के लिए।
आपने इच्छा से कर्म, इतिहास-विज्ञान की योजना के अनुसार, किसी को उससे सुख मिल जाए, यही सौभाग्य है।
इसलिए यदि किसी को आपके जीवन से कुछ लाभ पहुँचा हो तो उसका अहंकार नहीं, आनन्द और विनय से तितलें उड़ाइए।
दुख और सुख तो मन के विकल्प हैं।
सुखी वह है जिसका मन मरा नहीं है, दुखी वह है जिसका मन पस्त है।
ये लोग आधुनिक भारत के नए ‘शरणार्थी’ हैं, जिन्हें औद्योगीकरण के झंझावात ने अपने घर-ज़मीन से
उखाड़कर हमेशा के लिए विस्थापित कर दिया है।
प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है।
बाढ़ या भूकंप के कारण जो लोग एक बार अपने स्थान से बाहर निकलते हैं, वे जब स्थिति टलती है तो वे दोबारा अपने
जन्म-भूमीय परिवेश में लौट भी आते हैं।
किन्तु विकास और प्रगति के नाम पर जब इतिहास लोगों को जड़मूल सहित उखाड़ता है, तो वे अपनी ज़मीन पर
वापस नहीं लौट पाते।
उनका विस्थापन एक स्थायी विस्थापन बन जाता है।
ऐसे लोग न सिर्फ भौगोलिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी नहीं उखड़ते, बल्कि उसका सामाजिक और
आवासीय स्तर भी हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं।
‘दूसरा देवदास’ कहानी के माध्यम से लेखक ने प्रेम को बंबईया फिल्मों की परिपाटी से अलग हटाकर उसे पवित्र और स्थायी स्वरूप प्रदान किया है। सिद्ध कीजिए।
‘लाखों-करोड़ों कोस दूर के तेज पिंडों’ का उदाहरण ‘देने चल लो’ पाठ में किस उद्देश्य से दिया गया है? स्पष्ट कीजिए।
‘संवदिया’ कहानी में रेणु जी ने बड़ी बुढ़िया की पीड़ा को संवदिया के माध्यम से पूरी सहानुभूति प्रदान की है। पुष्टि कीजिए।
‘कर्मण्य गत कर्मों का अर्पण कर, करता मैं तेरा तर्पण’ – पंक्ति के संदर्भ में निराशा जी की विश्वासता और पीड़ा का वर्णन कीजिए।
भारत में इंटरनेट पत्रकारिता की क्या स्थिति है? स्पष्ट कीजिए।
समाचार-पत्र-पत्रिकाओं का कारोबार और अर्थ-जगत से जुड़ी खबरों के बिना संपूर्ण क्यों नहीं माना जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।
संवाद के मुद्रित माध्यम और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में से आपको कौन-सा माध्यम अधिक पसंद है और क्यों? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
‘बिस्किटवाला की मौत’ पाठ के आधार पर बिस्किटवाले की होने वाली मौत का वर्णन कीजिए, साथ ही गाँव वालों को उसके बाद होने वाली क्रियाओं का उल्लेख कीजिए।
'सतत बहती नदियाँ अब मालवा के गालों के आँसू भी नहीं बहा सकती’ कथन के संदर्भ में लिखिए देश के अन्य हिस्सों में नदियों की क्या स्थिति है और इसके क्या कारण हैं?
‘सूरदास की झोपड़ी’ पाठ से उद्धृत कथन ‘सच्चे खिलाड़ी कभी रोते नहीं, बाजी-पर-बाजी हारते हैं ... पर मैदान में डटे रहते हैं’ से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? सूरदास के चरित्र के संदर्भ में लिखिए।
“कोई साथ नहीं होता है। जब मृत्यु के क्षण पास आते हैं तो प्रिये मित्र भी भुला देते हैं,
कोई निमंत्रण दिया गया तो भय के मारे उपस्थित नहीं हो जाता,
नीति और धर्म की बातें तो दूर, मित्रता का धर्म भी छूट जाता है।”
“अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेज़ी राज हिंदुस्तान को पूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा।
भारत की सांस्कृतिक विरासत यूरोप की तरह इंडिविजुअल नहीं थी — वह हर रिश्तों से जीवित थी, जो जंगलों, नदियों, पर्व, रीतियों, संस्कारों, भाषा, बोली, भाव, गंध आदि से बनी थी।”
‘अपनी आँखों से देखी है त्रैतीय चरित्र हरण की लीला’ – संवदिया पाठ के इस कथन के संदर्भ में लिखिए कि यहाँ किस घटना की बात हो रही है। उसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
‘प्रेम के लिए किसी निश्चित व्यक्ति, समय और स्थिति का होना आवश्यक नहीं है।’ – ‘दूसरा देवदास’ पाठ के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।
‘देवो चुन लो’ पाठ में स्वयंवर संबंधी विभिन्न रीतियों का वर्णन किस उद्देश्य से किया गया है?
के पतिया लग जाए रे मोरा पियामन पास ।।
हिए नहि रहै असबर दुख नै भेजा साजनि मास ।।
एकटिरि बनन पिया हिअइ बंधु रे मोहि हिअइ हुलास ।।
सनेस अहारि दुख दरद बिसरै के पतियामन पास ।।
मोर मन हरष हरि लग लेल रे अपने मन लास ।।
गोकुल तीरि मधुपुर बसै रे कहन अपनपन लेस ।।
तोड़ो तोड़ो तोड़ो
ये पत्थर ये चट्टानें
ये काले बंधन टूटें
तो धरती की हम जाएँ
सुनते हैं मिट्टी में रस है जिसमें आती दूब है
अपने मन के मैदानों पर प्यासी कैसी ऊब है
आँखे आँसू गोले
तोड़ो तोड़ो तोड़ो
ये उमर इन तोड़ों
ये चमड़ी पथरीली तोड़ो
सब खेत बनाकर छोड़ो
‘अपनी एक टाँग पर खड़ा है यह शहर
अपनी दूसरी टाँग से बिलकुल बेखबर’ — काव्य पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
‘यह दीप अकेला’ कविता के आधार पर लिखिए कि व्यक्ति के समर्पण में विचारधारा से समाज को किस प्रकार लाभान्वित होगा।
‘दुख ही जीवन की कथा रही’ पंक्ति के आलोक में निराला जी के जीवन के दुखों का वर्णन कीजिए।
भारत में इंटरनेट पत्रकारिता की क्या स्थिति है? स्पष्ट कीजिए।
समाचार-पत्र-पत्रिकाओं का कारोबार और अर्थ-जगत से जुड़ी खबरों के बिना संपूर्ण नहीं माना जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।
संवाद के मुद्रित माध्यम और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में से आपको कौन-सा माध्यम अधिक पसंद है और क्यों? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
पत्रकारीय साक्षात्कार और सामान्य बातचीत में क्या अंतर है? (शब्द सीमा लगभग 40 शब्द)
एंकर बाइट किसे कहते हैं? टेलीविज़न पत्रकारिता में इसका क्या महत्त्व है? (शब्द सीमा लगभग 20 शब्द)
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